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इंडियन बिजनेस पार्टी?


आजादी के 68 वर्षो में भारत एक गरीब राष्ट्र से एक विकासशील राष्ट्र ही बन पाया है। हमारा भारत देश दुसरे राष्ट्र की अपेक्षा जैसे चायना इत्यादि कि तरह एक विकसित राष्ट्र क्यों नही बन पाया है? क्योंकि, हमारे राष्ट्र का व्यापारि वर्ग सदैव उपेक्षा का शिकार रहा है। वाबजूद इसके की भारत की अर्थव्यवस्था मे 83% योगदान व्यापार क्षेत्र है इनकी राजनैतिक भागीदारी शून्य के समान है। व्यापारि वर्ग जिसमे कारखाने, छोटे बडे सभी प्रकार के दुकानदार एवं पेशेवर (प्रोफेशनल जैसे सीए, एडवोकेट, डाक्टर, इंजीनियर आदि) तथा ठेले आदि पर अपना छोटा सा व्यवसाय करने वाले व्यक्ति आते हैं। एक अनुमान के अनुसार इनकी संख्या लगभग 11 करोड है। इंडियन बिजनेस पार्टी इन उपरोक्त व्यवसाय कर्ता और इन पर आश्रित लगभग 30 करोड जनमानस, तथा लगभग 11 करोड इनके द्वारा दिए गए रोजगार, के हितो की रक्षा और प्रेरणास्रोत हेतु भारत वर्ष की सर्वप्रथम एक राजनीतिक पार्टी है।

देश का व्यापारिक वर्ग केन्द्र, राज्य एवं स्थानीय सरकारों द्वारा लगाये गये अनगिनत टैक्स भरते है और देश की प्रगति मे भागीदार बनते हैं। परंतु व्यापारि वर्ग विभिन्न प्रकार की उत्पीडन से ग्रस्त है जैसे सरकार के अधिकारीयों द्वारा शोषण, अपराधी वर्ग द्वारा जबरन वसूली, टैक्स अधिकारी द्वारा उत्पीडन इत्यादि। एक व्यापारी को इतने सारे कानून का पालन करना पडता है कि उनका 10% समय इन्ही सब का Compliance करने मे नष्ट हो जाता है। शायद यही कारण है कि हमारे देश का लगभग 61000 करोडपति विदेश पलायन कर चुके हैं। हमे वैधानिक Compliance एवं कानूनी प्रणाली को इतना आसान और सरल बनाना है कि हमारे व्यापारि वर्ग का समय व्यर्थ ना जाए और समय का बचत कर व्यापार मे उन्नति करें तथा ज्यादा से ज्यादा कर आदि सरकार को दें।

इंडियन बिजनेस पार्टी, काला धन अर्जन, सर्जन के पूर्ण विरुद्द है। देश मे काला धन दो प्रकार से अर्जित होता है, एक कर की चोरी करके दुसरा रिश्वत एवं गैर कानूनी कार्य करके। हम दोनो प्रकार से अर्जित काला धन को अलग-अलग नीतियों द्वारा समाप्त करने की वकालत करते हैं ।

एक आंकडे के अनुसार लगभग प्रतिवर्ष 1.20 करोड युवा वर्ग रोजगार की तलाश करते हैं जबकि कुल उपलब्ध प्रतिवर्ष 55 लाख है। कैसे मिलेगा रोजगार बाकी के 65 लाख युवाओं को? सिर्फ व्यापार ही एक ऐसा क्षेत्र है जहां असीमित रोजगार होने की सम्भावनाएं है। इंडियन बिजनेस पार्टी व्यापारिक गतिविधीयों पर विशेष ध्यान देकर देश मे व्यापार की सम्भावनाओं को और भी सम्भव बनाएगी।

भाईयों एवं बहनों प्राचीनकाल मे राज्य की व्यवस्थाएं बाहुबलियों से चलती थी, मुगलो के आगमन से राज्य दहशतगेंजी से चलता था, अंग्रेजो के समय कूटनीती ही उनका प्रशासनिक हथियार था। फिर भारत आजाद हुआ, तो राष्ट्र के पूर्ण निर्माण मे समाजवाद उपर्युक्त सिद्द हुआ। वर्तमान मे सिर्फ सुदृढ अर्थव्यवस्था ही शासन का आधार है । और यह सुदृढ अर्थव्यवस्था एक सुदृढ बिजनेस से ही उत्पन्न होगी । आईये. भारत की एक मात्र ऐसी राजनितिक दल के साथ जुडें जिसका विश्वास और उद्देश्य यही है कि, यदि व्यापार बढेगा तभी देश बढेगा। जय हिन्द...जय भारत